Book Value क्या है?

जो भी व्यक्ति Stock Market में काम करता है, वह व्यक्ति Book Value शब्द से कभी ना कभी परिचित जरूर होता है, Book Value एक Company के अंदर की वह जानकारी होती है, जो Company की Balance Sheet में पाई जाती है। यह जानकारी Company अक्सर अपने Stock Buyer को दिखाती है। 

जिस Company का Book Value, उसके Market Value से ज्यादा होता है वह Company हमेशा Under-Valued होती है, और Investment का सबसे अच्छा स्थान होती है। अर्थात यदि आप एक ऐसी Company में Investment करते हैं जिसमें Book Value, Market Value की तुलना में बहुत अधिक है या अधिक है, तो भविष्य में आपको इससे फायदे ही फायदे होने वाले हैं। 

Book Value एक ऐसा शब्द है जिससे कई लोग पूर्ण रूप से परिचित नहीं है इसीलिए हम आपको बताएंगे कि Book Value क्या है? Book Value कैसे Calculate करी जाती है? Book Value के द्वारा हम क्या चीज समझ सकते हैं? और Book Value को हम किस प्रकार अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। यह सारी जानकारी आज के लिए हम आपको देंगे।

तो चलिए शुरू करते है-

Book Value क्या होता है?

Book Value को अक्सर Net Asset Value भी कहा जाता है। इसे हम यदि आपको आसान भाषा में समझाएं तो हर Company को हम दो भागों में विभाजित कर सकते हैं, पहला उसका Asset और दूसरे उसके Liability। Company की Asset वह चीज होती है जिसे Company जब भी चाहे उसे बेच सकती है और पैसों में उसे convert कर सकती है। अर्थात गाड़ी, कुर्सी, मशीन, बिल्डिंग, कमरे, जमीन इत्यादि। यह सब कुछ Company के Asset होते हैं जिन पर Company का अधिकार होता है।

Liabilities वह केंद्र होता है जहां पर Company का उधार मापा जाता है। और Company ने जितना भी उधार लिया हुआ होता है वह उसकी Liabilities कहा जाता है। जिससे उसे वापस चुकाना होता है। हम उसे loan भी कह सकते हैं, उधार कह सकते हैं, या कुछ भी कह सकते हैं। लेकिन उसे वापस चुकाना होता है।

जब आप Company के Asset की Value में से Company के Liabilities की Value घटा देते हैं तो बची हुई income या Value को “Net Asset Value” कही जाती है। और इसी Net Asset Value को Book Value कहा जाता है। हम आशा करते हैं कि आप Book Value की मूल भाव को समझ चुके होंगे।

Book Value को कई बार Company के Netवर्थ, Company के Equity Share Holder की Equity या फिर Stock Holder Equity भी कहते हैं।

Book Value को Calculate कैसे कर सकते हैं?

Book Value को Calculate करना बहुत ही आसान है इसमें किसी प्रकार की बड़ी Calculation की आवश्यकता नहीं होती है। Book Value को करने के लिए आपको Company के Asset में से Company के Liabilities को घटाना होता है। इसे हम Book Value भी कहते हैं और Networth भी कहते हैं।

इसे हम एक उदाहरण से समझते हैं।

मान लीजिए कि एक व्यक्ति है जिसका नाम है राम, और उसके पास में एक घर, गाड़ी, बंगला, मशीनरी, फैक्ट्री इत्यादि सब कुछ है।

और राम के पास में जितने भी संपत्ति है उसकी कुल Value ₹5,00,00,000 है लेकिन राम ने कुछ उधार भी ले रखा है जिसे कारण वह अपने business को चलाने में सक्षम हो पा रहा है, और उस उधारी की कुल Value तकरीबन ₹2,50,00,000 है अर्थात राम ने तकरीबन ₹2,50,00,000 का उधार ले रखा है या loan ले रखा है।

राम के Book Value को निकालना चाहे तो हमें राम के कुल संपत्ति में से उसके उधार को हटाना होगा तो 5 करोड में से यदि हम 2,50,00,000 को घटाने तो हमारे पास में कुल Value ₹2,50,00,000 बचेगी। अर्थात हम यह कह सकते हैं कि राम की कुल Networth 2,50,00,000 रुपए है या राम की Book Value 2,50,00,000 रुपए है।

इस प्रकार आप Net Value को Calculate कर सकते हैं।

Book Value से हम क्या सीख सकते हैं?

Book Value को हमेशा दो तरीके से निकाला जाता है, 

Book Value पर Share और Price to Book Ratio।

Book Value पर Share क्या होता है?

Book Value पर Share का मतलब यह होता है कि यदि हम Company के total Shareholder में, Company की total Book Value को बांट दे, तो प्रत्येक व्यक्ति के हाथ में कितनी Value आएगी। इसे हम एक उदाहरण से समझते हैं-

मान लीजिए एक Company है जिसका नाम है ABC, जिसकी Book Value 500 करोड़ रुपए है। अर्थात Company के Asset में से यदि Company के Liabilities को हटा दिया जाए तो कुल Value 500 करोड़ रुपये बचती है और Company के तकरीबन 5 करोड़ Share होल्डर है।

तो Book Value पर Share का मतलब यह होता है कि यदि हम Book Value में Shareholder की संख्या को विभाजित कर दें, तो प्रत्येक Shareholder के हाथ में कितनी रकम आएगी। प्रत्येक Shareholder के हाथ में Company की कितनी Book Value है।

इसे हम समझ सकते हैं कि 500/5 अर्थात ₹100। तो प्रत्येक 5,00,00,000 Shareholder के हाथ में ₹100 आएंगे और वह सो रुपए Book Value पर Share कहलाता है।

Price to Book Ratio क्या होता है?

किसी भी Company का Price to Book Ratio को तब Calculate किया जाता है जब यह Calculate कर ना हो कि वह Company Under-Valued है या नहीं है। कोई भी Under-Valued Company Investment के लिए सबसे अच्छा स्थान होती है, क्योंकि वह आज नहीं तो कल बहुत अच्छा return देने के लिए तैयार रहती है।

इस के लिए Company के Stock Price में, Company के Book Value पर Share को यदि divide कर दिया जाए तो, आने वाला result अगर एक रुपए से कम है तो वह Company Under-Valued होगी, अन्यथा वह Company Under-Valued नहीं होगी।

इसे भी एक उदाहरण से समझे, तो मान लीजिए कि एक Company है ABC, जिसकी Book Value पर Share की कीमत ₹100 है, और उसके Stock की Price ₹70 है। 70 में 100 को विभाजित करें तो आने वाला मापांक 0।70 होगा, जो कि 1 से कम है। अर्थात ABC Company Under-Valued है, और उसमें आप Investment के लिए और ज्यादा Analysis कर सकते हैं।

निष्कर्ष

तो मित्रों आज के लेख में हमने जाना कि Book Value क्या होती है, किस प्रकार Calculate करी जाती है इसके क्या फायदे होते हैं। और इससे हम कैसे सीख सकते हैं, हम आशा करते हैं कि आपको Book Value से संबंधित सारी जानकारी मिल चुकी होगी।

धन्यवाद.

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