म्यूचुअल फंड क्या है?

“नमस्कार मित्रो “

अकसर अखबार और टीवी के विज्ञापनों में यह लिखा देखते हैं कि म्यूच्यूअल फंड सही है, लेकिन इसके बारे में हम यह नहीं जानते कि यह सही है या नहीं। आज का हमारा पूरा लेख म्यूच्यूअल फंड पर होने वाला है आज हम जानेंगे कि म्यूचल फंड क्या होता है? भारत में म्यूच्यूअल फंड की शुरुआत कैसे और कब हुई थी? म्यूच्यूअल फंड कितने प्रकार के होते हैं? म्यूच्यूअल फंड के क्या लाभ और क्या हानियां हैं? आखिर म्यूच्यूअल फंड में निवेश करना चाहिए या नहीं करना चाहिए? 

 इसलिए सभी जानकारी को जानने के लिए आपको इस लेख को शुरू से लेकर अंत तक पूरा पढ़ना पड़ेगा तभी आप सम्पूर्ण जानकारी जान पाएंगे। 

भारत मे म्यूच्यूअल फंड की शुरुआत कब और कैसे हुई?

सन 1963 मे सार्वजनिक बैंक RBI और भारत सरकार की संस्था की पहल द्वारा यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया(UTI) के गठन के साथ म्यूचल फंड की भारत मे शुरुआत हुई। 

 हालांकि यूटीआई और आरबीआई का साथ काफी ज्यादा दिनों तक नहीं चला सन 1978 में यूटीआई को आरबीआई से अलग कर दिया गया और आरबीआई के स्थान पर आईडीबीआई यानी भारतीय औद्योगिक विकास बैंक को यूटीआई को नियंत्रण करने का अधिकार मिल गया था जिसके चलते यूटीआई ने  आईडीबीआई के साथ मिलकर काम करना प्रारंभ कर दिया। 

 म्यूच्यूअल फंड का विकास कई चरणों में किया गया था बात करो 2009 से पहले की थी इसके कुल 4 चरणों में ही संपन्न हुआ था। 2009 की आर्थिक मंदी के बाद लोगों को इससे बहुत ज्यादा नुकसान हुआ था। 

 उस समय लोगों ने म्यूच्यूअल फंड में निवेश करना बंद ही कर दिया था लेकिन आर्थिक मंदी के बाद लोगों ने फिर से धीरे-धीरे इसमें निवेश करना प्रारंभ किया और 2016 में म्यूच्यूअल फंड का मार्केट कैप ₹16.62 ट्रिलियन से  ऊपर का हो चुका था जो कि इसकी शुरुआत से लेकर अब तक का सबसे अधिक मार्केटप् कैप था। 

 वर्तमान समय की बात करो तो म्यूचुअल फंड में निवेश  की संख्या काफी अधिक बढ़ चुकी है, यह लगभग 5 करोड़ से ऊपर की हो चुकी है दिन प्रतिदिन म्यूचल फंड में निवेशकों की संख्या बढ़ती ही जा रही है जिसको देखकर यह अनुमान लगाया जा सकता है कि म्यूच्यूअल फंड का  मार्केट कैप बहुत ज्यादा बढ़ने वाला है। 

म्यूच्यूअल फंड क्या होता है?

 म्यूच्यूअल फंड के अंतर्गत विभिन्न ने निवेशकों के पैसे को एकत्रित करके उनको एक ही फंड में लगाया जाता है, इसके बाद सभी निवेशकों के पैसे को यह ब्रांड शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करता है और सभी निवेशकों को उनके पैसे के लिए यूनिट आवंटित कर दी जाती है इस यूनिट को दूसरी भाषा में NAV भी कहते है। 

 जो व्यक्ति ज्यादा रिस्क उठाने को तैयार रहता है वह म्यूच्यूअल फंड से अच्छा रुपए लाभ के रूप में कमा लेते हैं, क्योंकि म्यूचुअल फंड में जिन सक्रिय प्रबंधित फंड से काफी अच्छा रिटर्न प्राप्त किया जा सकता है। लेकिन यह तरीका काफी जोखिम भरा होता है। 

 इसमें आपके लगावे पैसे भी डूबने के चांस रहते हैं। इसलिए हमारी तो यह सलाह है कि आप म्यूचल फंड में सोच समझकर ही निवेश करें और उन पैसों का बिल्कुल निवेश ना करें जो आपकी जरूरत के काम आने वाले हैं। 

 हालांकि आपको म्यूच्यूअल  फंड के बारे में जानकारी मिल चुकी होगी कि म्यूचुअल फंड होता क्या है इसका शाब्दिक अर्थ है कि यह सभी निवेशकों से पैसे इकट्ठा करता है और उन पैसों को शेयर बाजार में लगा देता है और वहां से जो मुनाफा आता है वह निवेशकों को लाभ के रूप में प्रदान कर देता है। 

म्यूच्यूअल फंड के कितने प्रकार होते हैं? 

 म्यूच्यूअल फंड को मुख्यतः दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है आइए देखते हैं यह श्रेणियां कौन-कौन सी हैं

(1) संरचना के आधार पर

(2) ASSET के आधार पर 

1.संरचना के आधार पर :

 संरचना के आधार पर म्यूच्यूअल फंड तीन प्रकार के होते हैं……

(1)ओपन एंडेड फंड : इस फंड में आपको काफी आजादी होती है आप जब चाहो अपना पैसा निवेश कर सकते हो जब जब अपना पैसा वापस निकाल सकते हैं ओपन एंडेड फंड का नेट ऐसेट वैल्यू प्रतिदिन तय किया जाता है उसी के आधार पर आप खरीद और बिक्री कर सकते हैं। 

(2)क्लोज एंडेड फंड : क्लोज एंडेड फंड का मार्केट कैप fNO द्वारा तय किया जाता है इसमें आप पैसों को बिना मैच्योरिटी से पहले नहीं निकाल सकते हैं आपको ओपन एंडेड फंड जितनी आजादी इसमें नहीं होती है। 

(3)इंटरवल फंड : अंतर्गत आपको अपनी रकम को एक निश्चित समय के लिए लॉक  कर कर रखनी पड़ती है निश्चित समयावधि होने के पश्चात ही आपको रिटर्न्स प्राप्त होते है। 

2.ASSET के आधार पर :

एसेट के आधार पर पांच प्रकार के होते है 

(1)डेब्ट म्यूच्यूअल फंड 

(2)लिक्विड म्यूच्यूअल फंड 

(3)इक्विटी म्यूच्यूअल फंड 

(4)मनी मार्केट फंड 

(5)बैलेंस म्यूच्यूअल फंड 

 सभी फंडा आपको आय में वृद्धि के साथ-साथ आप के फंड को इकट्ठा करके भी रखते हैं। भारतीय मार्केट में इन फंडों को सबसे ज्यादा जरूरी समझा जाता है सबसे ज्यादा निवेशक इन्हीं फंड्स पर विश्वास करते हैं। 

म्यूच्यूअल फंड के क्या क्या लाभ है? 

  •  म्यूचुअल फंड में आप जो रुपए निवेश करते हैं वह किसी विशेषज्ञ की राह पर ही करते हैं या विशेषज्ञ इतने एक्सपर्ट होते हैं इन्हें पता रहता है कि आपके पैसों को किस तरह से मैनेज किया जाता है यह आपके   आय को वृद्धि करने में सहायक होते हैं। 
  •  म्यूचुअल फंड में आपको पूरी आजादी रहती है कि आप अपने रुपए को अलग-अलग जगह निवेश करो और अलग-अलग जगह से मुनाफा अर्जित करो। 
  •  आप जितनी आसानी से म्यूचल फंड में निवेश करते हैं इतनी आसानी से अपने पैसे को निकाल भी सकते हैं इसमें आपको किसी भी मुसीबत का सामना नहीं करना पड़ता है। 
  •  जब आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं तो आपको एक सरकार द्वारा टैक्स निर्धारित किया जाता है लेकिन म्यूच्यूअल फंड में टैक्स का कोई निर्धारण नहीं है स्वतंत्रता से निवेश और खरीदारी करें।                   

म्यूच्यूअल फंड के क्या क्या हानि है?

  •  जिस तरह से म्यूचल फंड के फायदे हैं उसी तरीके से उसकी बहुत सारी हानियां है यदि आपके पास म्यूच्यूअल फंड की सही जानकारी नहीं है तो आप अपना पैसा बर्बाद भी कर सकते हैं। 
  •  कभी-कभी आप लोग में आकर के कुछ ऐसे जगह निवेश कर देते हैं क्या आप ज्यादा मुनाफा कमाना चाहते हैं इस वजह से आपको वहां से घाटा हो सकता है
  •  दूसरी ओर म्यूच्यूअल फंड पर रिटर्न्स की कोई भी गारंटी नहीं होती है इसलिए जो भी निवेश करें पूरी सोच समझ के साथ करें। 

क्या म्यूच्यूअल फंड सही है या नहीं? 

 यदि एक सिक्का है तो उसके दो पहलू होते हैं उसी तरीके से म्यूच्यूअल फंड को सही या गलत कहना आसान नहीं है। जिन लोगों को म्यूच्यूअल फंड के बारे में जानकारी है वह इससे अच्छा खासा रुपए कमा रहे हैं जिन लोगों को म्यूच्यूअल फंड की बिल्कुल भी जानकारी नहीं है और वह बिना किसी विशेषज्ञ की राह के अपने रुपए म्यूच्यूअल फंड में लगा रहे हैं उन लोगों के लिए यह गलत है क्योंकि उन्हें बिना किसी जानकारी के पैसे लगाने मे  हानि होगी लाभ नहीं होगा। 

 दूसरी और आपको उतना ही पैसा निवेश करना चाहिए जो आपने एक्स्ट्रा निकाल के रख रखा है आपको उन पैसों को बिल्कुल भी निवेश नहीं करना चाहिए जो आपकी जरूरत के काम आने वाले हैं। 

 कभी-कभी हम ज्यादा जल्दबाजी में ज्यादा रुपए निवेश कर देते हैं बाद में हमारे सभी रुपए डूब जाते हैं क्योंकि म्यूच्यूअल फंड में निवेश की रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती है इसलिए सोच समझकर ही अपना पैसा निवेश करें। 

Conclusion

 सभी जानकारी लेने के बाद हमें यह पता चलता है कि म्यूच्यूअल फंड कुछ लोगों के लिए अच्छा है तो कुछ लोगों के लिए खराब भी है। 

 अतः सभी तरह के जोखिम भरे निर्णयों  के बाद ही आप म्यूचुअल फंड में निवेश करें कम पैसा निवेश करें, बिना किसी एक्सपर्ट की राय के म्यूचुअल फंड में निवेश ना करें तभी आप इससे अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। 

“धन्यवाद “

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